स्वास्थ्य ही सबकुछ है

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अगर हम स्वस्थ है तो हम भारत के नागरिक भी है और अगर हम अपने स्वास्थ्य की बात करें तो हम बहुत गरीब ही उपेक्षित हैं। किसी देश, जाति, समाज की उन्नति तब ही संभव हो सकती है जब वे स्वस्थ और स्फूतिवान है । सारे देश के इतिहास को उठा कर बात की जाए तो हमारे देश की आर्थिक व्यवस्था और बहुत कुछ देश के स्वास्थ्य के ऊपर निर्भर करता है । अगर हम सच्चाई की बात करें तो जीवन का उद्देश्य अपने शरीर को स्वस्थ रखने से है । एक अस्वस्थ व्यक्ति हमेशा न ही सिर्फ दुखी हो जाता है बल्कि संसार के लिए वे एक बोझ बन कर रहता है ।
अंग्रेजी में भी एक कहावत कही गयी है जिसका अर्थ होता है – स्वास्थ्य ही धन है। अगर असल जिंदगी की बात करें तो जिसका स्वास्थ्य अच्छा है, वे बहुत ही भाग्यशाली हैं । अगर किसी के पास अपार धन है लेकिन वे अस्वस्थ हो गया तो जीवन में उसको थोड़ा सा भी आनंद नहीं आएगा। आज की बात करें या 5 हज़ार साल पहले की भी बात करें तो स्वास्थ्य ही हमारे लिए सब कुछ है। अगर जीवन में स्वास्थ्य है तो जीवन में हम आनंद रहने की कल्पना भी नई कर सकते हैं ।
स्वस्थ रहने के लिए सबसे पहला नियम ये है कि हम शुद्ध पानी पिए और ताज़ी हवा लें। ये दो ऐसी महत्वपूर्ण चीज़ें हैं जिनसे हम हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं । अगर जीवन का असली अर्थ पूछा जाए तो जीवन क्या है ? साँसों का आना जाना ही तो जीवन होता है
छोटे-छोटे गाँव में तो पीने का शुद्ध पानी भी लोगों को नसीब नहीं होता क्योंकि वहां पर वॉटर फ़िल्टर जैसी सुविधा नहीं होती। लोग कुओं के या तालाब के पानी से ही अपना गुज़ारा कर लेते हैं ।
चाहे कोई बच्चे हो या बड़े  सबके लिए सही मात्रा में खाना व्यायाम अति आवश्यक है ताकि वे अपने स्वास्थ्य को सही रख सकें । बच्चे तो जितना खेलें उतना अच्छा है और स्वस्थ रहने से पढ़ाई ,खेल-कूद अन्य चीज़ो में रुचि होती है क्योंकि स्वस्थ रहने से ही मन खुशहाल होता है ।

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