पद्मावती विवाद – मेरा विचार

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पद्मावती
  • उज्जवल श्रीवास्तव 

“ड़ोन्ट जज अ बुक बाई इट्स कवर” कुछ कहावतें इस तरह गड़ी जाती हैं कि वो आज के समय में प्रासंगिक होती हैं। किसी के बाहरी हाव-भाव से उसके बारे में निर्णय लेना उचित नही है।

हालि में भंसाली की फिल्म इसी परेशानी से गुज़री। बिना तथ्य को जाने और बिना अध्य्यन के उस पर विवाद खड़े किए गए और हर तरह से इस फिल्म को परेशानी का सामना करना पड़ा।

परंतु अब जब ये बात साफ है कि फिल्म मलिक मौहम्मद जयसी के काव्य ‘पद्मावत’ पर आधारित है तो इस फिल्म का रास्ता साफ हो चुका है।

परंतु ये बात समझना आवश्यक है कि बिना किसी चीज़ के बारे में जाने उसकी आलोचना करना उचित नही।

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