दूध का क़र्ज़

0
119
views

दूध का क़र्ज़ चुकाने की हैसियत किसी की नहीं,

उस माँ के किये का पुरस्कार कुछ नहीं।

वो जो करती है अपने बच्चों के लिए,

हम उसे कुछ देने के काबिल हैं ही नहीं।।

पर कुछ भी न दे सके ये भी नहीं,

बच्चों की ख़ुशी व प्यार चाहिए धन व दौलत नहीं।

वो जैसे पालती है बच्चों को,

उसकी जैसी कोई पालनहार नहीं।।

 

दूध का क़र्ज़ अदा करने की हिम्मत किसी की नहीं,

माँ जैसी संसार में कोई दूजी नहीं।

सबकुछ सह के भी जो खुश रहे,

उस माँ जैसी कोई कलाकार नहीं।।

जो अमृत माँ के दूध में वो कहीं और नहीं,

उस दूध के मुकाबले पैकेट्स दूध में वो दम नहीं।

ख़ुदा का तो रूप ही है माँ दोस्तों,

माँ के दूध जैसा कोई दूध नहीं।।

Previous articleKerala Couple Abandoned Their Child , Reason Will Terrify You !
Next articleTrump-Kim Jong Meeting Is Back On
I'm so keen person to learn from anyone. I write poems, short stories, articles and so other write-ups. I won many essay competitions. I've awarded many times by Pratiyogita Darpan for Hindi & English essay competitions. I won Jagran Young Editor competition and has been a MP in DJYP. I do anywork without thinking about result because i believe as a human only work is our hand recess god know that's why i try to give my 100% in any work. For contact me : [email protected] in facebook ; Jitendra pandey
SHARE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.