उड़ान

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एक हार को भुलाना है,
अब फिर से उड़ान उड़ना है
इरादा बना लिया उड़ान का तो अब किसी की न सुनना है,
नहीं किसी से डरतीं हूँ ,
न किसे से डरना है,
ज़िद है मेरी अपनी मंज़िल को पाना ,
आसान नहीं अब मुझे हराना ,
लड़की हूँ मैं ये सोच के न मुझे डराना,
हो सके तो ज़िन्दगी के मुश्क़िल सफर में बस मेरा हौसला बढ़ाना ,
न रोकना मुझे अब न टोकना मुझे अब
बहुत रह लिया ज़मीं में अब उड़ना है आसमानों में।

कमज़ोर नहीं आज़ाद हो तुम

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