आरक्षण प्रणाली

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आरक्षण जिसको इस देश में इसलिए लाया गया था ताकि इस देश के पिछड़े हुए वर्गों को बाकि देश के नागरिकों के बराबर का दर्जा दिया जा सके पर इसकी भी कुछ शर्ते थी। जिनका पालन करना आवश्यक था, लेकिन उन शर्तों का पालन नहीं किया गया आजकल इस नियम का या मैं कहूं तू इस कानून का बहुत ज्यादा गलत फायदा उठाया जा रहा है।

आरक्षण जब देश मे बड़ी जाति वाले लोगों का बोलबाला था तब छोटी जाति वाले लोग नज़रअंदाज़ किये जा रहे थे। तब देश के महापुरुषों ने  इस बात को मद्देनज़र रखते हुए जातिवाद आरछण का कानून बनाया यह  जाति के अनुरूप चला इसका अब निम्न जाति के लोग गलत फाइदा उठा रहे है।

वे लोग जो धन व आर्थिक रूप से सामर्थ्य हैं वे भी छल करके आरक्षण का फायदा उठा रहे हैं जिसके कारण छात्रों को मौका नहीं मिलता जो उस मौके के असलियत में हकदार है सिर्फ यही नहीं इस कारण से कई बार सामान्य वर्ग वाले छात्र छात्राएं जो हकदार होते हैं और जिन्हें हक है अच्छे स्कूलों और विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने का उन्हें अवसर नहीं मिल पाता लेकिन इनके स्थान पर वे छात्र छात्राएं जो ऐसे विश्वविद्यालयों मे शिक्षा ग्रहण करने योग्य नही है उन्हें यहाँ स्थान मिल जाता है यही कारण है कि भारत देश में विकास की गति बहुत धीमी है हमे मिल कर जातिवाद के रूप मे आरक्षण न मिल कर आर्थिक रूप से मिलना चाहिए।

यदि हमें आर्थिक रूप से आरक्षण मिले तो शायद हमारे देश की विकास की दर तीव्रगति से होगी।

 

 

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